Thursday, May 2, 2013

ओ प्यारी निंदिया...


" पलके मैं पल भर मूदू ,
आशा भरे नैना मूदू .....
थक गया मैं अवचेतन आजा,
आजा अँखियो मे,
ओ प्यारी निंदिया......!!
चंदा संग खेली पूनम,
तारों संग झूली शबनम.......
अब रोशन सपने दिखलाजा,
आजा अँखियो मे,
ओ प्यारी निंदिया.......!!!! 
"< दीप >

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